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रविवार, 5 दिसंबर 2010

शुक्रिया

"शुक्रिया ,अविनाश जी "
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गोवा की प्राकृतिक सुंदरता के बारे में कौन नहीं जानता,
ऊपर वाले ने दिल खोल कर प्राकृतिक सौंदर्य की दौलत बख़्शी है. कई वर्षों से गोवा की इस हरी भरी वसुंधरा पर 
एक आयोजन किया जा रहा है iffi  (international film festival of India) का ,इस आयोजन को सफल बनाने वाले
कर्मठ दल के सदस्यों में एक नाम है ’अविनाश वाचस्पति जी’ का
ब्लॉग जगत इस नाम से भली भांति परिचित है ,उन से मेरी मुलाक़ात गोवा में ही हुई ,अविनाश जी के बारे में क्या कहूं बस ये समझ लीजिये कि एक सरल ,विचारवान ,सुशिक्षित ,सुसंकृत, सज्जनता के प्रतीक साहित्य को और अपने काम को समर्पित व्यक्तित्व का नाम है "अविनाश वाचस्पति" ,  उन के ही सौजन्य से इस बार हम iffi के समापन समारोह का भी आनंद उठा सके  जिस अनुभव से हम इतने वर्षों में भी वंचित थे .
इतनी मसरूफ़ियत के बावजूद भी अविनाश जी हमारे ग़रीबख़ाने पर तशरीफ़ लाए I. हम ने ब्लॉगिंग पर 
ब्लॉगिंग के नियमों और आचार संहिता आदि पर चर्चा की ,उन्होंने मुझे ब्लॉगिंग से संबंधित महत्वपूर्ण बातें भी सिखाईं 
आज ४ दिसंबर को दिल्ली  जाते समय  उन्होंने फ़ोन पर बात कर के विदा ली
इन सारी बातों और सार्थक मुलाक़ातों लिये अविनाश जी का बहुत बहुत शुक्रिया अदा करना चाहती हूंकि जिन के कारण मुझे कुछ सीखने को मिला
बहुत बहुत शुक्रिया अविनाश जी

13 टिप्‍पणियां:

  1. "शुक्रिया इस्मत जी "
    आपने अपनी पहचान से अलहदा तरह की पोस्ट लिखी …
    अविनाश जी की पोस्ट कुछ दिन पहले पढ़ कर उनसे ईर्ष्या पहले ही करने लगे थे … उनको आपसे मिलने का सौभाग्य मिल गया , हमें नहीं मिला … :)
    ख़ैर, आपके दर्शन की दुआ जारी है … कभी तो रंग लाएगी ।
    हां, इस पोस्ट के साथ iffi के समापन समारोह की कुछ फोटो भी होती तो और रोचक बन जाती पोस्ट ।

    एक बात और ,ग़ज़ल जल्द से जल्द लगाएं , बहुत इंतज़ार है !

    शुभकामनाओं सहित
    - राजेन्द्र स्वर्णकार

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  2. इस बार गोवा आने का मन था, पर व्यस्ततायें आ गयीं।

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  3. मैं चाहकर भी शरीक नहीं हो पाती

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  4. आदरणीय अविनाश वाचस्पती जी से
    भेंट होने पर
    आप निश्चित रूप से
    बधाई की पात्र हैं .....

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  5. ये मुलाकातों का सिलसिला चलता रहे ...

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  6. इस्मत ऐसी छोटी छोटी मुलाकातें नयी ऊर्जा से भर देतीं हैं. आभासी दुनिया के लोग जब वास्तविकता में मिलते हैं, तब एक अलग सा अहसास होता है, जो निश्चित रूप से सुखद ही होता है. सुन्दर पोस्ट.

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  7. बहुत अच्छा लिखा है आपने.
    आपकी ग़ज़ल का इंतज़ार है.

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  8. अविनाश वाचस्पति वास्तव में ही एक शानदार शख़्सियत का नाम है...

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  9. अविनाश जी सिर्फ आपसे मिले ही नहीं बल्कि मुझे फोन करके आपसे मुलाक़ात की इत्तला भी दी...साथ ही यह कहना नहीं भूले कि आपके ब्लॉग द्वारा इस्मत जी से परिचय हुआ...वह तो मात्र एक संयोग था...पर अविनाश जी सचमुच एक जहीन व्यक्तित्व के मालिक हैं...और आप तो माशाल्लाह...जहीनियत की मिसाल हैं...मुलाक़ात तो यादगार होनी ही थी.

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  10. वाह इस्मत जी अविनाश जी ने मिलवा ही दिया

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  11. एक सरल ,विचारवान ,सुशिक्षित ,सुसंकृत, सज्जनता के प्रतीक साहित्य को और अपने काम को समर्पित सज्जन से आप मिलेंगी तो अच्छा लगेगा ही...अविनाश जी से कभी मिलना नहीं हुआ लेकिन जितना संपर्क पत्र अथवा उनके लेखों से हुआ है उस से आपने जो उनके बारे में कहा बिलकुल सत्य लगता है...

    नीरज

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शुक्रिया